
रायपुर, 28 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों से कहा है कि नशे के कारोबार में केवल छोटे विक्रेताओं और पैडलरों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि इसके पीछे सक्रिय बड़े तस्करों, वित्तीय सहयोगियों और संगठित गिरोहों की पहचान कर पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा बुधवार को नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मादक पदार्थों की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने सभी जिलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों, मादक पदार्थों की जब्ती, संपत्ति कुर्की, वाहनों के राजसातीकरण और जब्त मादक पदार्थों के नष्टीकरण की विस्तृत समीक्षा की।
उत्पादन से लेकर बिक्री तक होगी जांच
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में पूरी सप्लाई चेन की जांच की जाए। इसके तहत मादक पदार्थों के स्रोत, परिवहन मार्ग, आपूर्तिकर्ताओं, स्थानीय विक्रेताओं और पूरे कारोबार को नियंत्रित करने वाले लोगों की पहचान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार को समाप्त करने के लिए उसके आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी है। अधिकारियों को प्रत्येक मामले में उत्पादन से लेकर अंतिम बिक्री तक की कड़ियों की जांच करने के निर्देश दिए गए।
नशे से अर्जित संपत्तियों पर होगी कार्रवाई
गृह मंत्री ने नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कुर्की और जब्ती की कार्रवाई तेज करने को कहा। एनडीपीएस एक्ट और सफेमा (SAFEMA) के तहत की गई कार्रवाइयों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
अवैध कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए विशेष समिति गठित करने को भी कहा गया। इस समिति में चार्टर्ड अकाउंटेंट तथा वित्तीय एवं विधिक विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, ताकि अवैध धन, संपत्तियों और वित्तीय नेटवर्क की गहन जांच की जा सके।
मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच के निर्देश
प्रदेश में सूखे नशे और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने ड्रग इंस्पेक्टरों के साथ समन्वय कर मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच और निगरानी करने के निर्देश दिए।
स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में प्रतिबंधित दवाओं, नशीले कैप्सूल तथा नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली सिरिंज और नीडल की अवैध बिक्री पर विशेष नजर रखी जाएगी। नशे के सेवन और अवैध कारोबार की शिकायतों वाले संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर नियमित निरीक्षण करने को भी कहा गया।
तीन महीने में वाहनों के राजसातीकरण की प्रक्रिया तेज करने का लक्ष्य
मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के राजसातीकरण और नीलामी की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर आगामी तीन महीनों में अधिक से अधिक पात्र मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
उप मुख्यमंत्री ने तस्करी के दौरान पुलिस बल पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
31 दिसंबर तक पुराने जब्त मादक पदार्थों का नष्टीकरण
बैठक में जब्त मादक पदार्थों के लंबित नष्टीकरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। निर्देश दिए गए कि 31 दिसंबर 2026 तक 30 जून 2026 या उससे पहले जब्त किए गए छह माह से अधिक पुराने मादक पदार्थों का नष्टीकरण किया जाए, बशर्ते संबंधित मामलों में आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो।
इसके लिए न्यायालयीन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने तथा जब्त वाहनों के राजसातीकरण और नीलामी से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने पर जोर दिया गया।
एनडीपीएस मामलों में प्रभावी अभियोजन पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जांच गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले मामलों में साक्ष्य और दस्तावेज पूरे रखने को कहा, ताकि प्रभावी अभियोजन के जरिए दोषियों को कानून के अनुसार दंडित कराया जा सके।
उन्होंने विशेष न्यायालयों की स्थापना की दिशा में आवश्यक प्रयास करने और लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी जोर दिया।
नशे की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन 1933 का प्रचार
नशे के विरुद्ध जनभागीदारी बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध हेल्पलाइन ‘मानस’ के टोल फ्री नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। इसके माध्यम से आम नागरिक मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़ी सूचनाएं संबंधित एजेंसियों तक पहुंचा सकते हैं।
स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं को नशा विरोधी जागरूकता अभियान से जोड़ने तथा सोशल मीडिया के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों और पुलिस कार्रवाई की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने को कहा गया।
बैठक में सचिव सुश्री नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग सहित विभिन्न जिलों के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए पुलिस, प्रशासन और समाज को मिलकर निरंतर प्रयास करना होगा।















